अलीपुर इलाके में सस्ते दामों की जमीन का लालच देकर लोगों से किया खिलवाड़

अलीपुर इलाके के जिंदपुर गांव में हाईटेंशन तारों के नीचे खेती की जमीन पर कॉलोनी बसाई गई जिसमें कि जिस बिल्डर ने इस जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कॉलोनी बसाई अब यहां रह रहे लोग परेशान है क्योंकि लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इकट्ठा कर उससे अपना एक आशियाना लेना चाहा जिसमें की लोगों ने बिल्डर से जमीन खरीदी तो बिल्डर द्वारा बताया गया कि आपको यहां पर पानी बिजली और सड़के व तमाम सुविधा दी जाएगी  लेकिन ना ही यहां पानी की सुविधा मिली और ना ही अच्छी सड़कें।

||Delhi||Nancy Kaushik||अलीपुर इलाके के जिंदपुर गांव में हाईटेंशन तारों के नीचे खेती की जमीन पर कॉलोनी बसाई गई जिसमें कि जिस बिल्डर ने इस जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कॉलोनी बसाई अब यहां रह रहे लोग परेशान है क्योंकि लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इकट्ठा कर उससे अपना एक आशियाना लेना चाहा जिसमें की लोगों ने बिल्डर से जमीन खरीदी तो बिल्डर द्वारा बताया गया कि आपको यहां पर पानी बिजली और सड़के व तमाम सुविधा दी जाएगी  लेकिन ना ही यहां पानी की सुविधा मिली और ना ही अच्छी सड़कें।

 साथ ही यहां बिजली के कनेक्शन देने से टाटा पावर ने भी साफ इनकार कर दिया क्योंकि हाईटेंशन तारों के नीचे बने मकानों में मीटर नहीं लग सकता ऐसा विभाग की तरफ से लोगो को बताया गया जिसमें कि लोग अब परेशान है क्योंकि लोगों को 2 से 3 साल हो गए यहां पर आए  लेकिन बिजली की सुविधा से परेशान है क्योंकि लोगों ने बिल्डर से भी कई बार इस बारे में बातचीत की तो बिल्डर द्वारा केवल आश्वासन नहीं दिया जाता है कि आपके यहां बिजली आ जाएगी कुछ दिनों की बात है लेकिन ऐसा करते-करते इस समय काफी बीत गया है लेकिन अब लोग परेशान हो चुके है लोगों को कहना कि यदि हमें पहले पता होता तो हम यहां पर अपना घर नहीं बनाते  महिलाओं का कहना है कि हम बड़े लोग तो अपना जैसे तैसे रह रहे लेकिन घर में बच्चों के सामने काफी समस्या आ रही है क्योंकि बच्चों को गर्मी ज्यादा लगती है और बच्चे ठीक से रह नहीं पाते लेकिन कहीं ना कहीं इसमें प्रशासन की भी बड़ी कमी नजर आती है क्योंकि जब यहां कॉलोनी बसाई जा रही थी तो प्रशासन को भी कहीं ना कहीं देख रहा था कि क्षेत्र में इस तरह गैरकानूनी तरीके से कॉलोनी बसाई जा रही है और उसके खिलाफ कहीं ना कहीं सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन प्रशासन अपनी चुप्पी साधे बैठा रहा और इसका नतीजा अब यह रह रहे लोग भुगत रहे है।